मेहर की नजर करो मेरी ओर, दया की नजर करो मेरी ओर। (Sunday, June 1, 2014)
मेहर की नजर करो मेरी ओर, दया की नजर करो मेरी ओर।

निशि दिन तुम्हें निहारूं सतगुरु, जैसे चन्द्र चकोर।

जानू न कौन भूल हुई तन से, लियो हमसे मुख मोड़।

बालक जानि चूक बिसराओ, आया शरण अब मैं तोर।

सदा दयालु स्वभाव तुम्हारा, मोरि बेरिया कस भयो कठोर।

शरणागत की लाज न राखो, मोसो पतित अब जाये केहि ओर।

अबकी बार उबार लेव जो, फिर न धरब पग यहि मगु ओर।