छोड़ कर संसार जब तू जाएगा। कोई न साथी तेरा साथ निभाएगा।। (Sunday, June 1, 2014)
छोड़ कर संसार जब तू जाएगा। कोई न साथी तेरा साथ निभाएगा।।
    गर प्रभु का भजन किया ना, सत्संग किया न दो घडि़याॅं।
यमदूत लगाकर तुझको, ले जायेंगे हथकडि़यां।
कौन छुड़वायेगा।। कोई न साथी.......
इस पेट भरन की खातिर, तू पाप कमाता निसदिन।
श्मशान में लकड़ी रखकर,    तेरे आग लगेगी एक दिन।
    खाक हो जायेगा।। कोई न साथी........
सत्संग की बहती गंगा, तू इसमें लगाले गोता।
वरना इस दुनिया से, तू जाएगा एक दिन रोता।
फेर पछताएगा।। कोई न साथी.....
क्यों कहता मेरा मेरा, यह दुनिया रैन बसेरा।
यहां कोई न रहने पाता, है चंद दिनों का डेरा।
    हंस उड़ जाएगा।। कोई न साथी....
गुरुदेव चरण में निशदिन, तू प्रीत लगा ले बन्दे।
कट जायेंगे सब तेरे, ये जन्ममरण के फंदे।
पार हो जायेगा।। कोई न साथी............