Param Sant Baba Jaigurudev ji Maharaj - Prathna
1. मुझे गुरु देव चरणों में लगा लोगे तो क्या होगा?
2. मोको कहां ढूढ़े बन्दे, मैं तो तेरे पास में।। टेक।।
3. मेरा कोई न सहारा बिन तेरे, गुरुदेव दयालु मेरे।
4. जब तेरी डोली निकाली जायेगी। बिन मुहूरत के उठाली जाएगी।
5. मन लागो मेरो यार फकीरी में।
6. इतनी शक्ति मुझे दो मेरे सतगुरु, तेरी भक्ति में खुद को मिटाता चलूं।
7. मन तू भजो गुरु का नाम। टेक।
8. धाम अपने चलो भाई। पराये देश क्यों रहना।।
9. तुम नाम जपन क्यों छोड़ दिया।
10. कर ले निज काज जवानी में, इस दो दिन की जिन्दगानी में।
11. उठ जाग मुसाफिर भोर भई, क्यों मोह निशा में सोवत है।
12. कहें जयगुरुदेव पुकार, जमाना बदलेगा।
13. जय गुरु देव जय गुरु देव, जय गुरु देव जय जय गुरु देव ।
14. बता दो प्रभु तुमको पाउं मैं कैसे? विमुख होके सन्मुख, अब आउं मैं कैसे?
15. बज रहा काल का डंका, कोई बचने न पायेगा।
16. मिलता है सच्चा सुख केवल, गुरुदेव तुम्हारे चरणों में।
17. गुरू चरणों में अपने लगा लीजै। मेरे भाग्य को स्वामी जी जगा दीजै।
18. उड़ जा रे पंछी, ये अपना देश नहीं बेगाना।
19. कब तक रहोगे रूठे, बिनती सुनो हमारी
20. मेहर की नजर करो मेरी ओर, दया की नजर करो मेरी ओर।
21. सतगुरू सतनाम, तुमको लाखों प्रणाम।
22. गुरूदेव तुम्हारे चरणों में, सतकोटि प्रणाम हमारा है।
23. छोड़ कर संसार जब तू जाएगा। कोई न साथी तेरा साथ निभाएगा।।
24. खोज री पिया को निज घट में।
25. भरोसो चरन कमल का तेरे ।
26. निज चरणों का दरश करा दो गुरु, मुझे प्रेम दिवानी बना दो गुरु
27. सतगुरु माफ करो तकसीर।
28. सतसंग की गंगा बहती है, गुरुदेव तुम्हारे चरणों में।
29. सतगुरू शान्ति वाले, तुमको लाखों प्रणाम।
30. मेरे सतगुरू मुझ पर, कृपा कब करोगे।