जय गुरू देव समाचार

गाय को राष्टीªय पषु घोषित कर देने से माता की जान बच जाएगी
गाय को राष्टीªय पषु घोषित कर देने से माता की जान बच जाएगी। जैसे मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित कर दिया तो मोर कोई नहीं मारता है। वैसे इस वक्त पर अंग्रेजो के समय से कई गुना जाता जो बूचड़ खाने स्लाटर हाॅउस खुल गए, और जिसमें लाखों गाॅय रोज काटी जा रही है इनकी जान बच जाएगी। और जब इनकी जान बच जाएगी तब आप को उसका लाभ मिल जाएगा। कुदरत समय पर जाड़ गर्मी बरसात दे देगी। लोगो का दिल दिमाक जो मान्स खाने से, शराब पीने से खराब हो जाता है। और अपराधिक प्रवृत्ती आ जाती है और अपराध करते है फिर वो नहीं करेंगे। और अगर इसको आपने नहीं रोका कितनी चैकी खोलते जाओ कितने थाने खोलते जाओ और कितनी व्यवस्था बढ़ाते जाओ सुरक्षा की आप इनको कन्ट्रोल नहीं कर सकते। कन्ट्रोल नहीं कर सकते विचार और भावनाएं अगर लोगो की नहीं बदली गई तो आप सुख और ष्षान्ति नहीं ला सकते हो। ये आप को मौका दिया जा रहा हैं आप सबसे पहला काम आने वाले प्रधान मंत्री से मैं ये प्रार्थना करता हूॅ कि सबसे पहला काम आप यही कर दीजिए एक लाइन का कानून बना करके गाय को राष्ट्रीय पषु घोषित कर दीजिए। ये समाचार हमारा आप पहुॅचा दीजिए, हमको आप से आषा है और आप को आध्यात्मिक शक्ति ही यानी जिता कर लाई है। उस कुर्सी पर बैठाने जा रही है। इसका पता और लोगो को नहीं है लेकिन जो देष में आध्यात्मिक विकास के लोग है, वो इस चीज को समझते है। इसलिए ये मेरी प्रार्थना आप स्वीकार कर लीजिए कि गाय को राष्ट्रीय पषु घोषित कर दीजिए। गाय को राष्ट्रीय पषु घोषित कर दीजिए और ये मांषाहार पर रोक लगाओगे, शराब कि दुकानो को कत्ल कारखानो को बन्द कराओगे तो कुदरत जो कहर ढ़ाने जा रही है आगे उसमें राहत मिल ंजाएगी। नही ंतो लाषों पे लाषों का होगा नजरा और सुनते तो जाओं संदेष हमारा। खून की होली दिखाई पड़ेगी खून की होली, कैसे खून की होली होती है ये भी बता दें शराबी, शराब पियेगा और वो बोतल से दूसरे को मारेगा और वो उसको मारेगा वो उसको मारेगा । खून बहेगा और ऐसे मेरेगे। लूट पाट अभी आप ने क्या देखा लूट पाट तो अभी होगा, अभी तो खाली एक दो जगह से अखबार में खबर छपती है। लेकिन ये खबर इतनी हो जाएगी कि इनको छापने की जगह नहीं रहेगी। अभी तो इसी 17 तारीख को आप ने देखा अखबारो में पढ़ा हो कि धार जिला में 70 साल की बुढि़या गई थी बकरी चराने के लिए और उसको पकड़ करके ले गये और पैर काॅट के चाॅदी का कड़ा निकाल ले गये।    तो ये तो अभी ट्रेलर है टेªलर, टेªलर जानते हो सनीमा देखने के लिए जब जाते हो तो जो पिक्चर लगी रहती है वो दिखाई यानी देती है दिखाती ही है पिच्चर को और आने वाली पिक्चर को भी थोड़ा सा दिखा देते है। थोड़ा उसको भी दिखाते है उसको कहत है टेªलर तो ये सब तो अभी टेªलर है। अभी तो न मालूम कितने लोगो का काॅन फाड़-फाड़ करके इनको खींचकर क ेले जाएगे। इनको गला काटदेने में कोई दर्द है? इनको तो बस चैन मिलनी चाहिए, हाला की सजा बहोत मिलती है इसकी। और कितना भी ये लूट पाट करै पैसा इनके पास नहीं रूकता। एक चोर से पूंछा बता तूने कितनी चोरी की है। बोला करोड़ो रूपये की तो है तेरे पास कितना बोला कुछ नहीं है रूकती है लक्ष्मी ? अच्छे काम में लगाने से बरकत होती। जुआड़ी के पास, चोर की पास, शराबी के पास पैसा रहता है? लक्ष्मी भी नाखुष हो जाती है। लेकिन अब इनकी आदत बन गई, शराब के नषे में  माॅ, बहन, बहूॅ, बेटी को कोइ पहचान पाता है। सब में माॅ में भी, बहन में भी बुआ मेें भी चाची में भी इनमें भी वहीं अपनी पत्नी दिखाई देती है। तो जब कुत्ता पागल हो जाता है तब ये वो देखता है कि ये मारे मालिक है अपने मालिक को ही काटने लगता है। तो पागल पन को खतम करना है। शराब को खतम करना है। मान्स को खतम करना है। जिससे बुद्धि खराब हो जाती है। भिष्म पितामह जैसे योगी की बुद्धी अन्न के दोष से खराब हो गई थी तो जब जानवरो का खून और मान्स शरीर के अन्दर आयेगा तो बुद्धी कहा से सही रहेगी। तो जड़ को ही खतम करना है। मैने प्रार्थना किया है देखो, एक तो मा वो होती है जो पेट में बच्चे को पालकर के बाहर निकल के टट्टी पेषाब साफ करके और पाल पोस करके बढ़ा करती है। ये वो माॅ होती है। अपनी माॅ और दूसरे की माॅ बच्चे को दूध पिलाने में संकोच नही करती है सबको दूध पिलाती है वो है गौ माॅ, और एक है सबका सिरजनहार, गरीब, अमीर, दुष्ट सबको ये झेलती है और परवरिस करत है। वो है ये धरती माता। धरती माता धरती माता है इस पर आग जलाओं, इस पर पत्थर फेको इसको खोदो सब बदस्त करती है। कहा न- खेाद-खाद धरती सहै, काट कूट वनराज और कुटिल वचन साधू सहै औरो सहा न जाए। तो ये तीनो दुखी है क्योंकि बच्चे माता पिता को घर से बाहर निकल दे रहे जब बुढ़ापे में सेवा का वक्त आता है। तो इनको दुखी कर देते है। इस लिए इनको दुख ीमत करो इनके श्रीण से उद्धार नहीं हो सकता है। माता पिता की सेवा करो माॅ खुष हो जाएगी आर्षीवाद दे देंगी फलो फूलोगे। तो बच्चो इस बात को समझ लो माता पिता की सेवा करो उनके आर्षीवाद से फूलो फलो। तो ये माता दुखी और धरती माता भी दुखी, गाउॅ माता भी दुखी तो अब धरती माता समझ हो दुखी होकर के हिल गई जैसे किसी को तंग करेा दुखी करो तो कहते है कि हम भग जाएगें इन्होने अगर जगह छोड और ये खिसके तो अस्सी-अस्सी मंजिल के जो मकान है। तो उन मकानो का क्या होगा। अगर ज्यादा पाप हो गया और धरीत फट गयी तो कितने जाएगे इसका ठिकाना है। समुद्र देवता नाराज, ये समझ लो जल, पृथ्वी, वायु, आकाष, अग्नि इन सब को खुष किया जाता है तो ये लोगो को धन धान्य से भरपूर कर देते है। इसी से रचना हुई है तो ये नाराज हो गये। ऐसे-ऐसे आग लगेगी कि पता भी नहीं चलेगा सबको लगेगा की शार्ट शर्किट हो गयी। लेकिन जहा नहीं भी है बिजली शर्किट नहीं हुई वहा पर भी आग लगेगा। ये नाराज हो गये क्यों कि आपके कर्म खरप हो गये इनसे आप काम ले नहीं पा रहे हो। पवन देवता भी नाराज आप समझो इतनी तेज आॅधी चलेगी कि ये नीचे के ये पत्थर ऐसे उड़ेगे और उड़-उड़ कर लोगो के उपर पडे़गे लोग मरेगे ऐसा समय आने वाला है।

आप ये समझ लो कि यो जो अगली बरसात होगी इसमे पत्थर बरसेगे पत्थर अब आप कहते हो यूरिया खाद डाल देंगे सिचाई करके, शोध करके बीज डालेगे जब पत्थर बरसेगा पानी नहीं बरसेगा तो कैसे सिंचाई करके अन्द पैदा पाओगे। ये सइब नाराज खड़े है और समुद्र देवता अलग नाराज है इनको मनाया जा रहा है कि आप कुछ देर के लिए ठहर जाइये लोगो का चाल चलन सही हो जाए तो ये अभी थमे हुए है। ये गुरू पूर्णिमा हो जाने दीजिए गुरू महाराज की पूर्णिमा तो आप लोग समझते रहेा शाकाहारी का प्रचार करते रहो ये एक अभियान आप चलाते रहो और इसमें से बहोत लोगे की जान बचा लोगे। अगर मेहनत करोगे। मनुष्य पैदा होता है दूसरो के लिए परमार्थ के लिए और आप तो सद्गुरू के बन्दे हो आपको ये काम सब लोगो को करना है। सदाचारी बना लो नहीं तो आगे कयामत आयेगी कहर को केाई रोक नहीं सकता है। अब एक बात बता दूं आप जो व्यापारी हो विदेषी बैंको में जो धन जमा कर रखा है काला धन जमा कर रखा है उसको आप जल्दी से जल्दी वापस ले आओ नही ंतो वे धन आपका नहीं रहेगा आपका धन नहीं रह जाएगा आज की तारीख में इस चीज को नोट करलो कि काला धन जेा विदेषी बैंको में जमा किया है वो वापस नहीं ला पायेंगे । उनका नहीं रह जाएगा। उसको अभी ले आओग तो देष के विकास में कही भी लगा दोगे। देष में वो लग जाएगा। तो आप उसको जल्दी स ेले आओ। जितने भी शराबी और मान्साहारी कर्मचारी हो आप भी सावधान हो जाओ अगर आप अपने इस चीज को सुधारोगे नही ंतो आपके लिए भी अच्छा समय आगे नहीं रहेगा। अब मैं कुछ कहना नहीं चाहता हूूं। ये संकेत इषारा आपको दे रहा हंू। ये बात कटने वाली नहीं है ये सब होंगी होने वाली है। और नौजवानों देखो चरित्रवान बन जाओ शाकाहारी सदाचारी बन जाओं तो तुम्हारा नाम हो जाएगा कीर्ति हो जाएगी ये जो पीछे के इतिहास है भगतसिंह, चद्रषेषण, राजेन्द्रलहरी, अस्फा उल्ला खाॅ और राम कृष्ण का भी इतिहास तुमसे पीछे हो जाएगा। अगर तुम चरित्रवान बन गये शाकाहारी सदाचारी रहे मेहनत और ईमानदारी की कमाई की उस मालिक पर भरोसा तुमने रखा थोडा सा समय तुमने भजन पूजन में भी लगाया तो तुम्हे तरक्की के आगे बड़े चान्स है। इधर-उधर तुमको भटकना नहीं पडे़गा। ऐसी व्यवस्था बन जाएगी स्कूल से निकलते ही काम मिलेगा। दोनो समय भोजन सबको मिलेगा इस देष में तन ठकने के लिए कपड़ा मिलेगा मकान मिलेगा न्याय और सुरक्षा मिलेगा। भारत विष्व का गुरू होगा, भारत का बनाया हुआ संविधान पूरे विष्व में लागू होगा। ये छोटे-छोटे देष ये सब भारत में मिल जाएगे। भारत विष्व का सिमौर होगा, इसकेा हम करदे आप करदे या कोई ष्षाकाहारी करदें करेगा ष्षाकाहारी ही इस काम को शाकाहारी सदाचारी ही करेंगा। अब आप थोड़ा सा भी सहयोग कर दोगे तो आप का भी नाम हो जाएगा। संकल्प से काम होता है। लेकिन जो संकल्प के साथ  जुड़ जाया करते है उनका भी नाम हो जाता है।

Updation On Sunday, May 25, 2014