जय गुरू देव समाचार

जयगुरूदेव बाबा उमाकान्त जी महाराज द्वारा सतसंग द्वारिका
जब छोटी चीजों में फसोगे तो बड़ी चीज हाथ से निकल जाएगी। उपरी मण्डलो में उसको आगे बढ़ना है तो साधक ने बताया ऐसे उगली करके बताया की उधर चले जाओ की वहा आगे चले जाओ तो कहते है की काल बाधक होता है काल बाधा डालता है फिर यही काल मदद भी करता है। क्योंकि जिसके बेटे आप हो उसी के बेटे काल भगवान भी है। उसी के बेटे है और जब वो ये देखता है की जो सद्गुरू के तद्रूप है उनके आदेश का पालन कर रहे है ये प्रचार प्रसार कर रहे है जीवो को खराब समय से बचाने का काम कर रहे है तो ये धन पुत्र परिवार में कमी नहीं होने देते है वो बढ़ोत्तरी ही कर देते है जो उनके लायक है वो दे देते है उनकी मद्द कर देते है। ऐसे ही उन उपरी लोक वालो ने भी ऐसे उगली कर दिया अब आप कहोगे के झूठ बोल रहे हो तो अगर आप चैलेन्ज करोगे तो नाम पता बता दूंगा तो सुन लेना की झूठ बोल रहे थे की सच बोल रहे थे। हमको झूठ बोलने में क्या मिलता है हमारी बाते तो सच बाते है कि झूठ बोलने की हमको जरूरत ही नहीं वो तो जिनको लोभ और लालच हो गद्दी का लालच हो धन का लालच हो वो लोग झूठ बोले हमको तो दुनिया का लालच है ही नहीं हमारे पास तो ऐसा है ऐसे गुरू समरथ गुरू और ऐसा नाम धन है कि जिससे ये धन धूल समान ये सब धूल समान हमको कोई लोभ लालच नहीं है हमको पकड़ लो हमारा काम गुरू महाराज की दया से सब हो रहा है। आप जो काम कर रहे हो गुरू महाराज के इस मिशन को चलाने में तो गुरू महाराज को भी जिन्होने एक गिलास पानी पिला दिया उन्होने किसी का कर्जा नहीं रखा तो अब यह है कि किसी ने दुनिया मागी किसी ने दीन मागा जो इनसे जो चहा सत्गुरू से वा ेले लिया जिन्होने भक्ति चाही उन्हे भक्ति मिल गयी जिन्होने सुरा सुन्दरी को चाहा वो उनको वो भी मिला लेकिन जो कर्म किया जैसे किया वो एक दिन खण्डित हो जाएगा जैसे की उसका समय खतम हो जाएगा उनको रोना पड़ेगा उनको रोना पड़ेगा इसमें कोई दो राय नहीं है। तो ये मत सोचो की किनके पास धन है इनके पास पावर है तो हम इनके साथ रहेगे तो हमारा भी नाम हो जाएगा और हमारा भी काम हो जाएगा। और देखो गुरू महाराज के इतने नजदीक रहे और गुरू महाराज इनको प्यार करते रहे गुरू महाराज इनको पावर शाक्ति दिये हुए है तो ये आपका भ्रम और भूल है ये आपको भ्रम और भूल है। देखे नये लोगो को नाम दान दूंगा । देखो किसी भी जीव को मांस मत खाना शराब मत पीना और किसी माॅ, बहन, बेटी को खराब मत करना। और मेहनत और इमानदारी की कमाई करना इमादारी मेहनत में बरकत है सुख है और शान्ति है देखे मेहनत की कमाई फलती और फूलती है देख इसलिए अब किसी का दिल मत दुखाना जो तुम्हारे भाग्य में होगा वो मिलेगा और गुरू महाराज ने जिसके भाग्य में जो चीज नहीं थी वो भी उनके झोली में भर दिया उसके दे दिया तो आपका प्रारब्ध आपके साथ जुडा हुआ है इसलिए पापी पेट के लिए आप इमान को अपने मत बेचना दुनिया बाते तो सब इसमें फसते ही जा रहे है।
    अब आप ये देखो आप कहते हो कि मेरे पिता जी शाकाहारी थे, और मेरे दादा जी भी शाकाहारी थे और हम भी शाकाहारी अब अगर आप सब को ब्रड टेस्ट करा दिया जाए तो सब को कोई ना कोई बीमारी अब इसको क्या कारण है आब शुद्ध चीज खाने को मिलती ही नही इसलिए ये शरीर रोगी हो गया यही हाल अगर रहा तो कुछ दिन के बाद जब ये रोटी थाली में परोस कर रखेंगी तो उसी में दबाई भी रख देंगी जैसे सब्जी के राथ रोटी रख दी जाती है वैसे ही दबाई भी ये खाओगे तब ये हजम होगा। अब ये समझ की दुनिया अगर आग मंे जले तो आप तो आग में न जलो इसलिए आपको समझाया जा रहा है बताया जा रहा है कि आप भाई मेहनत की कमाई करो उसमें बरकत मिलेगी। पहले लोग मेहनत की ही कमाई करते थे और उसमें से कुछ अच्छे काम में लगाते थे। ये माताए जब खाना बनाने को हुआ तो ये चुटकी निकाल कर रख देंती थी अब भी बताया गया की चुटकी निकाल कर रख दो कोई भूखा प्यासा आ गया तो उसको दे देा कही भण्डारा हो रहा उसमें उसको दे दो नही तो गुरू महाराज का भण्डारा हो रहा है उसमें लाकर दे दो तो लेना देना तो अदा हो जाएगा एक दूसरे का कर्जा जो है वो अदा होता है इससे। अब मान लो किसी को चार साल बैठा कर खिलाना है उसमें आप ने किलो दो किलो आटा दे दिया रोटी बना कर खिला दिया झाडू लगा दिया या किलो दो किलो आलू दे दिया इसी से उकसा कर्जा अदा हो गया तो ये तरीका है ये तरीका है जब लोग सतसंग सुनते है तब ये चीज समझ में आती है तो ये लेना देना अदा हो जाता है और बरतन को बिलकुल साफ-सुथरा करना है जिससे फिर से वापस ना आना पड़ा तो संत मत इसी को कहते है। तो आप को नामदान दिये देता हूॅ।


Updation On Friday, April 3, 2015