जय गुरू देव समाचार

आज दिनांक 23 अप्रैल 2016 को परम् पूज्य महाराज जी ने प्राइमरी स्कूल, मालधन नं 7, पीपल पड़ाव, आनंद नगर, जिला-नैनीताल (उत्तराखंड) में सत्संग सुनाते हुए कहा कि
आज दिनांक 23 अप्रैल 2016 को परम् पूज्य महाराज जी ने प्राइमरी स्कूल, मालधन नं  7, पीपल पड़ाव, आनंद नगर, जिला-नैनीताल (उत्तराखंड) में सत्संग सुनाते हुए कहा कि जो खाना खाता है उसी का पेट भरता है इसलिए जो सुमरन, ध्यान, भजन करता है उसका लाभ उसी को मिलेगा उसके परिवार वालो को नहीं अगर आप चाहते हो कि उनका भी भला हो तो आप उनको समझाओ और रोजाना उनसे भी सुमरन, ध्यान, भजन करवाओ तब जाके उनका काम होगा |

 

सभी सत्संगी भाई बहनों से प्रार्थना है कि बिना नागा किये रोज सुबह-शाम 1-1 घंटा सुमरन, ध्यान और भजन करते रहे | मनुष्य शरीर किराये के मकान की तरह मिला है जिसे सभी को एक दिन खाली करके जाना है हमें जो यह जनम मालिक ने दिया है इसे व्यर्थ न गवाये।  हमारी हर साँस उस मालिक की दी हुई है। हमें नहीं मालूम, कब यह डोर टूट जायेगी।

 

महापुरुषों ने आत्माओं के कल्याण के बड़े अच्छे-अच्छे उपाय बताए, सरल साधन बताया। उन्होंने कहा कि गुरु मूरत को देखो, उसको अन्तर में पका लो। उनसे प्रेम कर लो। जब प्रेम करोगे, गुरु मूरत को अन्तर में उतार लोगे तो उनके वचन सुनोगे। जब वचन सुनोगे तब पता चलेगा कि तुम कहां के रहने वाले हो, यहां कैसे आए, क्यों आए और कैसे वापस अपने सच्चे घर को लौटोगे।जब यह सुनोगे तब तुम्हारी इच्छा जगेगी कि हम भी अपने घर चलें। इसलिए गुरु मूरत को देखो, उनसे प्रेम करो। पहले यही साधन करना। जब तक यह साधन नहीं करोगे तब तक आत्मा का साधन नहीं बनेगा। जब उनसे प्रेम होगा तब इधर का मोह बन्धन टूटेगा। अभी तो इधर ही प्रगाढ़ प्रेम है, मोह ममता में बंधे हुए हो। फिर तुम उधर चल पड़ोगे जिधर तुम्हारी आशा बंध गर्इ।


Updation On Saturday, April 23, 2016