खुदा खुद आता है (Saturday, August 10, 2013)
घटना अकबर बादशाह के समय की है | एक बार उसने बीरबल से कहा “बीरबल तुम कहते हो कि तुम्हारा भगवान भक्तों की पुकार पर खुद दुनिया में चला आता है” | तो मेरी समझ में यह नहीं आता कि वह खुद क्यों आता है उसके यहां तमाम नौकर चाकर होंगे क्यों नहीं उनको भेज देता | बीरबल ने कहा “जहाँपनाह ! इसका जवाब मैं आपको दूँगा |” जहांगीर अकबर का सबसे बड़ा पुत्र था और बड़ी मन्नतें और पूजा के बाद वह पैदा हुआ था | इसलिए अकबर उसे बहुत प्यार करता था | वह उस समय गोद में था | बीरबल ने जहांगीर की शक्ल का एक पुतला बनाया और उसे वैसे ही वस्त्र पहनाए जैसा कि जहाँगीर पहनता था | दूर से देखने पर लगता था कि वह सलीम ही है | बीरबल ने शाहीबाग में तालाब के किनारे उस पुतले को रख दिया | और अपने दो चार आदमियों को उस पुतले के पास नियुक्त किया जिससे ऐसा मालुम होता था कि वे लोग बच्चे को खिला रहे हैं | पुतले के नीचे से एक पतले तार को जोड़कर कुछ दूर तक फैला दिया जिससे तार के हिलते ही पुतला कूद कर तालाब में गिर पड़े |

       सब प्रबन्ध करने के बाद बीरबल अकबर के पास पहुंचा और बोला “जहांपनाह बहुत दिनों से आप ने शाहीबाग की सैर नहीं की | चलिए आज टहल आइए |” अकबर तैयार हो गया और दोनों शाही बाग में पहुंचे | अकबर ने तालाब के किनारे बैठे पुतले को देखा उसने समझा कि सलीम खेल रहा है | खैर कोई बात नहीं | वह घूमता रहा इतने में बीरबल ने धीरे से तार को खींच लिया और पुतला पानी में, उछल कर गिर पड़ा | उसके पास खड़े कर्मचारी चीख पड़े | अकबर बादशाह ने भी न आव देखा न ताव और पानी में कूद पड़ा | उसके मुख से चीख निकल पड़ी “हाय सलीम” |

      पानी में उसके हाथ वही पुतला लगा उसे देखकर वह क्रोधित हो गया और बोला “बीरबल यह कैसा मज़ाक तुमने मेरे साथ किया है |” बीरबल ने शांत स्वर में जवाब दिया | “जहाँपनाह तमाम नौकर चाकरों के रहते हुये आप को पानी में कूदने की क्या जरुरत थी | अकबर को अपनी बातों का जवाब मिल चुका था | उसका क्रोध शाँत था | उसने कहा कि बीरबल ठीक है भक्तों की पुकार पर खुदा को खुद आना पड़ता है |